1984

जब राजीव गांधी ने 1984 के कत्लेआम को ठहराया जायज़!
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जब राजीव गांधी ने 1984 के कत्लेआम को ठहराया जायज़!

करीब 33 साल गुज़र जाने के बाद भी 1984 में हुए सिख कत्लेआम के लिए आज तक कोई इंसाफ़ नहीं मिल पाया है। इस दौरान चाहे केंद्र में कांग्रेस सरकार रही हो या ख़ुद का पंथ का पहरेदार कहने वाली शिरोमणि अकाली दल के समर्थन वाली पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई हो,   सिख समुदाय को इंसाफ़ दिला पाने में आज तक कोई भी इच्छा शक्ति नहीं दिखा पाया है। अदालतों में तीन दशक से ज़्यादा केस चलने के बाद और अनेक कमिशनों की रिपोर्टों सौंपे जाने के बाद भी मामले जहां के तहां अटके हुए हैं। दिल्ली और पंजाब के साथ-साथ देश में जब भी चुनाव हों इन मामलों पर राजनीति तो की जाती है, लेकिन अमली रूप में इंसाफ दिलाने के लिए कुछ नहीं किया जाता, बस कुछ मुआवज़ा देकर सहानुभूति बटोर ली जाती है।ऐसे में कत्लेआम के बहाने होती राजनीति में ऐसे बयान दागे जाते हैं जो पीड़ितों के सीने फिर से छलनी कर देते हैं। लेकिन पूर्व दिवंगत प्रधानमंत...