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Film Review – Laal Singh Chadha – Hindi
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Film Review – Laal Singh Chadha – Hindi

लाल सिंह चड्ढा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इस किरदार को बनाने में काफी मेहनत की गई है। आमिर ख़ान ने न केवल एक सिख की भूमिका निभाई है, बल्कि पहली बार सिख चरित्र को पर्दे खालिस और वास्तविकता के करीब दिखाया गया है। इसके लिए आमिर ख़ान बधाई के पात्र हैं। दूसरी ख़ूबसूरत बात यह है कि इस सिख चरित्र के माध्यम से सिख धर्म के मूल सिद्धांत ‘सरबत दा भला’ को दिखाया गया है। इस सिद्धांत के तहत सिख किसी में भेदभाव किए बिना सबसे के साथ एक सा बर्ताव करते हैं। फिर सामने चाहे दुश्मन ही क्यों ना हो। यही उन्हें गुरूओं ने सिखाया है। ऐसे ही एक सिख भाई घनईया जी को गुरु गोबिंद सिंह की आशीष प्राप्त थी, जो जंग में सभी को पानी पिलाया करता था। मरहम-पट्टी करता था, बिना यह देखे कि वह किस फौज का सिपाही है। लाल सिंह चड्ढा का किरदार उन्हीं भाई घनाईया जी से प्रेरित हैं। लाल सिंह चड्ढा के किरदार की एक ख़ासियत यह भी ह...
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Film Review | दंगल धाकड़ है!

दीप जगदीप सिंहरेटिंग 4/5हिंदी सिनेमा के जंगल में बड़े-बड़े सूपर स्टार पहलवान आते हैं अखाड़े में दांव लगाते हैं कुछ कई सौ करोड़ की ट्राफी जीत कर भी चारो खाने चित्त हो जाते हैं और कई बाॅक्स आॅफिस के खोपचे में सांस लेने से पहले ही दम तोड़ देते लेकिन उनका दांव ऐसा होता जो दर्शकों के दिल पर धोबी पछाड़ दे देता है।   उनमें से कुछ एक पहलवान बस अपनी पीठ थपथपाते रहते हैं, लेकिन जो दर्शकों का दिल जीतता है वो असली पहलवान कहानी  होती है। दंगल में भी जो असली पहलवान है, वह कहानी है, इसी लिए दंगल धाकड़ है और बाॅक्स आॅफिस पर दंगल का मंगल लंबा चलेगा।यूं तो दंगल की कहानी प्रिडिक्टेबल है और उसी तैय पटड़ी पर दौड़ती है जिसके अंत में नायक हर मुश्किल को पार करते हुए जीत जाता है। दंगल को देखते हुए यह भ्रम पैदा हो सकता है कि असल में नायक कौन है। अपना सपना पूरा करने के लिए समाज की हर परंपरा तोड़ने और दुनिया भर से द...