Tuesday, August 9

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Film Review | Phillauri

फिलौरी : फिलौर की धरोहर की पैसेंजर ट्रेनदीप जगदीप सिंहRating 2/5Cast - Anushka Sharma, Diljit Dosanjh, Suraj Sharma, Raza MuradWriter - Avnita Dutt | Director - Anshai Lalकुछ फिल्में उतनी ही मज़ेदार होती हैं, जितनी वह ट्रेलर में नज़र आती हैं। ऐसी फिल्में ट्रेलर में जितनी हट के लगती हैं, बस उतनी ही हट के होती हैं।   ख़ास कर तब जब इन हट के लगने वाली फिल्मों के लिए माहौल ज़ोरदार प्रमोशन से बनाया जाए। ऐसी फिल्मों को बेहद उम्मीद लेकर देखना आम तौर पर जोखिम भरा होता है। फिलौरी ऐसी ही ओवर हाईप्ड हटके फिल्म है जिसे ट्रेलर से आगे देखना भारी पड़ सकता है।रईसज़ादा रैपर कनन (सूरज शर्मा) तीन साल कैनेडा में रहने के बाद अपनी बचपन की प्रेमिका अनु (महरीन कौर पीरज़ादा) से शादी करने के लिए अमृतसर लौटता है। अभी वह जहाज़ में सोते हुए सपने में ही घोड़ी चढ़ा है कि उसे अपनी शादी में आने वाली बाधाएं नज़र आने लगी हैं। बं...
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Film Review | सरदारजी 2

दीप जगदीप सिंहरेटिंग 1/5सबसे पहले बात यह कि सरदारजी 2 का पहले भाग से कोई लेना-देना नहीं है। इस लिए इसमें ना भूत पकड़ने वाला है, ना बोतल में बंद शरारती भूत हैं, ना ही हसीन भूतनी है और ही भूत पकड़ने का चक्कर है।   इस बार जगजीत सिंह उर्फ जग्गी खूह वाला (दिलजीत दोसांझ) एक सफल किसान बना है। प्राकृतिक तरीके से खेती करके उसने कई पुरस्कार जीते हैं और मनमौजी दिखने वाले जग्गी के बेकाबू गुस्से से सारा गांव वाकिफ़ है। गुस्से में वह कोई ना कोई पंगा करता ही रहता है और इस बार का पंगा उसे कुछ ज़्यादा ही महंगा पड़ गया है। उसे या तो छह महीने में अपनी पुश्तैनी ज़मीन, जिसके ज़रिए पूरे गांव को, पानी मिलता है वह छोड़नी होगी या फिर डेढ़ करोड़ हर्जाना भरना होगा। बस फिर क्या था अपनी ज़मीन और गांव की खेती बचाने के लिए वह डेढ़ करोड़ का इंतज़ाम करने उड़ जाता है आॅस्ट्रिेलिया। वहां जाकर भी मुसीबतें उसका पीछा नहीं छोड़ती। क्या व...
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उड़ता पंजाब : सियासत, सेंसर और बाज़ार

-दीप जगदीप सिंह-कभी बिहार तो यूपी तो कभी पंजाब...सियासत से लेकर बाज़ार सब मिल कर प्रस्थितियों को भुना लेना चाहते हैं। पंजाब गर्त में जा रहा है। भ्रूण हत्या के मामले में लिंग अनुपात में सबसे निचले पायदान पर... यानि लड़कियों का भवष्यि खतरे में है। हर रोज़ दो से तीन किसान खुदकुशी कर रहे हैं, यानि उनका भविष्य भी अंधकारमय है। व्यपारी, दुकानदार से लेकर मज़दूर सब बेहाल हैं। कहीं काम धंधा नहीं है, रोज़गार नहीं है। पंजाब का युवा तंग आकर विदेश के जहाज़ में बैठने के लिए आतुर है। जिसके पास पैसा या ज़मीन है वह कुछ ना कुछ जुगाड़ लगा कर उड़ रहा है। जिसके पास कोई जुगाड़ नहीं है वह 'चिट्टा' (हीरोईन) पीकर यहीं उड़ने की फीलिंग ले रहा है।अगले साल पंजाब में चुनाव आने वाले हैं, अकाली दल भाजपा की हालत पतली है, गांव-गांव में 'आप' का डंका बज रहा है, हर किसी को लग रहा है आप सफैद और हरी के बाद पंजाब में किसी 'नए रंग...