jackie chan

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Film Review | कुंग फू योगा। अब तेरा क्या होगा जैकी!

दीप जगदीप सिंहरेटिंग 1/5प्रोफैस़र जैक (जैकी चैन) चीन के ज़ियान के टैराकोटा वारियर म्यूज़ियम में पुरातत्व विशेषज्ञ है जिसने रंगों को पुनःजीवित करने की तकनीक खोजी है और अपनी उम्र महत्वपूर्ण पुरात्तव अवशेषों को ढूंढ कर उन्हें पुनः स्थापित करने और उनके योग्य वारिसों को सौंपने में लगा दी है।   मगध की राजकुमारी अस्मिता (दिशा पटानी) सदियों से खोए हुए अपने पुश्तैनी ख़ज़ाने को खोजने के लिए चालाकी से जैक को हिंदुस्तान बुलाती है। लेकिन ख़जाने को खोजना और हासिल करना इतना आसान नहीं है क्योंकि मगध साम्राज्य के दुश्मन का वंशज रंदाल (सोनू सूद) आज भी अपने पूर्वजों की इस ख़ज़ाने पर कब्ज़ा जमाने की इच्छा को पूरा करना चाहता है। यहीं से ख़ज़ाने को हासिल करने की चूहा-दौड़ शुरू होती है और प्रमुख किरदारों को चीन, तिब्बत, दुबई और हिंदुस्तान की विभिन्न लोकेशन्स पर दौड़ाती रहती है, जो ना तो कहानी का कोई सिरा पकड़ती है ...