Friday, August 12

naseerudin shah

arshad warsi, entertainment, film-review, hindi film review, irada film review, naseerudin shah, फि‍ल्‍म समीक्षा

Film Review इरादा: ज़हर से जंग का

*दीप जगदीप सिंह*रेटिंग - साढ़े तीन बटे पांचइरादा पंजाब की कोख में फैलते ज़हर की कहानी है, जो असलियत के बेहद करीब भी है और उसमें थोड़ी सी फिल्मी अतिरेकता भी है। लेकिन यह अतिरेकता हर आम पंजाबी के अंदर धधकते लावे की शिनाख्त करती है, जिसे पाॅप कल्चर और नशाखोरी ने दबा के रखा है।   पंजाब की उपजाऊ भूमि का केंद्र और अनाज का भंडार कहे जाने वाला बठिंडा शहर, जो अपने थर्मल प्लांट की गंगनचुंबी चिमनियों और विहंगम तेल रिफाइनरी से पहचाना जाता है। उसके बीचों-बीच बनी झील और गुज़रती नहर भी इसकी एक ख़ास निशानी हैं। उसी शहर में रिटायटर्ड फौजी अफ़सर प्रभजीत वालिया (नसीरूदीन शाह) अपनी जवान होती बेटी रिया (रूमाना मोला) के सपनों को एक अनुशासन से तरतीब देने की जदोजहद में लगा हुआ है। एक दिन अचानक एक ख़तरनाक बीमारी आकर रिया की आखों से प्रभजीत के देखे सपनों पर वक्त की ऐसी सुई चुभती है, जो सब कुछ ख़त्म कर देती है। रिटा...