Friday, August 12

ramadan

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रमज़ान में कुछ लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकते है रोज़े

रमज़ान का महीना अध्यात्मिक चिंतन, सुधार और मुस्लिम धर्म के प्रति और अधिक श्रद्धा प्रकट करने का महीना है। इस पूरे महीने के दौरान इस्लाम के सिद्धांतों पर मन लगाना और सूर्य उदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास करना होता है। सुर्य निकलने से पहले के आहार को सुहूर और सूर्यास्त के बाद के आहार को इफ्तार कहा जाता है। कुरान के मुताबिक रोज़े के ज़रिए दुनियावीं ची़जों से मन को दूर कर अपनी रूह को शुद्ध करने के लिए हानिकारक अशुद्धियों से मुक्त होना है। इस बारे में जानकारी देते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और आईएमए के आनरेरी सेक्रेटरी डॉ केके अग्रवाल ने बताया कि महीने भर के लिए उपवास करना हमारे शारीरिक प्रणाली के शुद्धिकरण और तन व मन को संतुलित करने के लिए एक अच्छा तरीका है। लेकिन डायब्टीज़ जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों की सेहत के लिए भूखा रहना ख़तरनाक हो सकता है। यह बात डायब्टीज़ पीड़ितों के मन स...