Sunday, August 7

राजनीति‍

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कन्हैया के नाम एक खुला खत

कन्हैया कुमार! जब से तुमने जेएनयू परिसर से आज़ादी की हुंकार भरी है, पूरा देश तुम्हारी ओर बेहद उम्मीदों से देख रहा है। जब कुछ चैनलों ने तुम्हारे भाषण की छेड़छाड़ वाली वीडियो प्रसारित की थी तो मन कह रहा था कि घोर अन्याय हुआ है तुम्हारे साथ, जब काले कोट पहने कुछ लोगों ने तुम पर हमला किया था तो बेहद दर्द भी हुआ था।    तुमने जो इन सब दिनों में झेला है वह हमारे सिस्टम की एक बानगी दिखाता है। तुम भली भांति जानते हुए को नायक्तव वाला जो आभास इस वक्त तुम महसूस कर रहे हो, वह इस सिस्टम की ख़ामियों से ही उत्पन्न हुआ है। यह पत्र लिखने का विचार मुझे तब आया जब रवीश कुमार के साथ इंटरव्यू में तुमने कहा कि कोट छोड़ कर तुम सोच को पकड़ कर एकजुटता पैदा करना चाहते हो। ऐसा कहके तुमने उन लाल कटोरे वालों को भी नाराज़ कर दिया होगा जो किसी दूसरी सोच को प्रयोगशाला वाले चिमटे से भी उठाने की इच्छा नहीं रखते, च...