Monday, June 27

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गर्मी की आम बीमारियों और इलाज
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गर्मी की आम बीमारियों और इलाज

एक बार फिर वह समय आ गया है जब बहार की ठंडी हवा की जगह झुल्सा देने वाली गर्मी अपनी जगह ले रही है। लोग अभी से कहने लगे हैं ‘हाय, कितनी गर्मी है।’ स्टूडेंटस से लेकर पेशेवर, सभी को गर्मियों का सामना करना पड़ता है। अप्रैल और मई में धीरे-धीरे तापमान बढ़ता है तो गर्मी की कई बीमारियां भी सामने आने लगती है। डाॅक्टर गर्मी की आम बीमारियों और संक्रमण के बारे में जागरूक कर रहे हैं।   इस बारे में जानकारी देते हुए आईएमए के नेशनल प्रेसीडेंट डाॅ केके अग्रवाल और जनरल सेक्रेटरी डाॅ आरएन टंडन कहते हैं कि गर्मी में अनेक किस्म की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें हाईपरथर्मिया, गर्मी से दाने, जकड़न, त्वचा का फूलना और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। किसी को हीट एग्ज़ाॅशन भी हो सकती है जब कोई अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आए या भारी कसरत करते हुए शरीर में पानी और इलेक्ट्रोटाईप की कमी हो जाए, तो शरीर ...
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हड्डियों के रोग करे दूर | 20 मिनट धूप और एक ग्लास दूध

ओस्टिोपोरोसिस और विटामिन डी की कमी है दो मूक बीमारीयांएक अनुमान के मुताबिक भारत में 8 में से 1 पुरूष और 3 महिलाएं ओस्टियोपोरोसिस से पीड़ित हैं, इस वजह से हमारा देश इस बीमारी के मामले में पूरी दुनिया मे सबसे ज़्यादा प्रभावित है। कम दूध पीना, धूप से बचना और पारंपरिक खेलों से दूरी इस नई समस्या का कारण है। युवा, ख़ास कर मेडिकल रेसीडेंट्स, कार्यस्थलों में बंद धूप से दूर रहते हैं। इस बारे में आईएमए के नैशनल प्रेसीडेंट एंव एचसीएफआई के प्रेसीडेंट पद्मश्री डॉ केके अग्रवाल और आईएमए के जनरल सेक्रेटरी डाॅ आरएन टंडन का कहना है कि ओस्टियोपोरोसिस को मूक बीमारी भी कहते है जिसका अक्सर पता नहीं चलता, जब तक इसके लक्ष्ण सामने ना आने लगें। जल्दी पता चलना और बचाव से इससे बचा जा सकता है। ख़तरे की पहचान और डाॅक्टर की सहायता मददगार साबित हो सकते हैं, ख़ास कर तब जब आपकी पहले हड्डी टूट चुकी हो या किसी बीमारी की...
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सफ़ैद चीनी है धीमा ज़हर

आधुनिक आहार का सबसे ख़तरनाक तत्व बन गई है रिफाईंड चीनीप्राचीन भारत हमेशा से चीनी और मीठे को आहार का मूलभूत हिस्सा मानता रहा है। भारतीय चीनी व्यपार के 2013 के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में ब्राज़ील के बाद चीनी का दूसरे नम्बर का उत्पादक और चीनी का सबसे बड़ा उपभोक्ता भारत है। सक्रोज़ और हाई फ्रुकटोज़ काॅर्न सिरप जैसी रिफाईंड चीनी में कैलरीज़ की भारी मात्रा होती है और पोषक तत्व बिल्कुल नहीं होते। निधार्रित से 10 से 20 प्रतिशत ज़्यादा चीनी का सेवन करने पर सेहत पर इसके काफ़ी दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इसका पाचन तंत्र पर काफी बुरा असर पड़ सकता है और जीवनशैली की अनेक बीमारियों का कारण बन सकती है।आईएमए के नैशनल प्रेसीडेंट एंव एचसीएफआई के प्रेसीडेंट पद्मश्री डॉ केके अग्रवाल और आईएमए के जनरल सेक्रेटरी डाॅ आरएन टंडन ने बताया कि चीनी में सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह रक्त वाली धमनियों की दीवारों में गंभीर सूजन लात...
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यह 10 बातें सर्दियोंं में दमा रोगियों कों देंगी राहत

कसरत से दमा प्रोत्साहित होना आम बात है और 80 से 90 प्रतिशत दमा पीड़ितों में यह प्रभावी हो सकता है। ठंडी खुष्क हवा दमा रोगियों के लिए सांस लेने में मुश्किल पैदा कर सकती है, जिससे सांस फूलना, घरबराहट, खांसी या सीने में जकड़न हो सकती है। इस बारे में जानकारी देते हुए आईएमए के नैशनल प्रेसीडेंट इलेक्ट एंव एचसीएफआई के प्रेसीडेंट डॉ केके अग्रवाल ने बताया कि कसरत के तुरंत बाद या कुछ घंटों बाद यह लक्ष्ण सामने आ सकते हैं।दस सुझाव- सर्दियों में अपने दमा पर पूरा नियंत्रण रखेंसांस नली के ठंडा और खुष्क होने से दमा छिड़ सकता हैठंडी खुष्क हवा में कसरत करने से परहेज़ करेंस्कीईंग, स्नो बोर्डिंग या आईस स्केटिंग जैसी सर्दियों की खेलों से बचें।कसरत से 20 मिनट पहले सांस नली वाले इनहेलर का प्रयोग करेंइनहेलर को गर्म माहौल में रखें ताकि स्प्रे करते वक्त ठंडा ना लगेतीव्र कसरत करने से पहले खुद को वार्म अप करें और बाद में...
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कम नींद से हो सकता है दिल को ख़तरा

नींद की कमी हो सकती है गंभीर दिल के रोगों का कारण83 प्रतिशत दिल के रोगियों को होता है स्लीप एपनिया। स्लीप एपनिया नींद का एक विकार है जिसमें सांस में रूकावट आने से नींद टूट जाती है। इससे पीड़ित गंभीर व्यक्ति एक घंटे में पांच से तीस बार सांस रूक सकती है। पांच में से एक व्यस्क मध्यम स्लीप एपनिया से पीड़ित होते हैं, यह महिलाओं की तुलना में पुरूषों को ज़्यादा प्रभावित करता है। सबसे आम समस्या आॅबस्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया है, जिसमें छाती के ऊपरी हिस्से और गर्दन पर वज़न पड़ने से सांस में रूकावट पैदा हो जाती है और नींद खुल जाती है।इस बारे में जानकारी देते हुए आईएमए के नैशनल प्रेसीडेंट इलेक्ट एंव एचसीएफआई के प्रेसीडेंट डॉ केके अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ नींद पूरी ना होने की वजह से दिल के रोगों की समस्या का खतरा बढ़ सकता है। थोड़े समय के लिए नींद की कमी से हाई कोलेस्ट्रोल, हाई ट्रिग्लिसेराईड्स और ह...
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साईकलिंग से भी हो सकती है मर्दाना कमज़ोरी

उम्र, डायब्टीज़, हाईपरटैंशन, मोटापा, हाई लिपिड, धुम्रपान, नशों का सेवन, दिल के रोग और सप्ताह में तीन घंटे से ज़्यादा साईकिल चलाने से मर्दाना कमज़ोरी हो सकती है। जो लोग सप्ताह में     तीन घंटे से ज़्यादा साईकिल चलाते हैं उन्हें उन्हें झुकी हुई अवस्था में साईकिल चलाना चाहिए ना कि सीधे रह कर, यह जानकारी आईएमए के आॅनरेरी जनरल सेक्रेटरी और एचसीएफआई के प्रेसीडेंट पद्मश्री डाॅ केके अग्रवाल ने सांझा की। मर्दाना कमज़ोरी उस प्रस्थिति को कहा जाता है जब पुरूष का यौन अंग संबंध बनाने के लिए उर्जा नहीं जुटा पाता या बनाए नहीं रख पाता। हर पुरूष अपने जीवन में कभी ना कभी इस तरह की समस्या से गुज़रता है। नपुंसक शब्द उन पुरूषों के लिए प्रयोग किया जाता है जो यौन संबंध बनाने के 75 प्रतिशत मौकों पर मर्दाना ताकत नहीं बनाए रख पाते। दिल के रोगों से मर्दाना कमज़ोरी का खतरा रहता है। मर्दाना कमज़ोरी दिल के रोगों का...
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आयरन की कमी और इलाज

2016- 2011 में वल्र्ड हैल्थ ओर्गेनाईज़ेशन द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 49 साल की 48 प्रतिशत भारतीय महिलाओं में एनिमिया पाया जाता है। इसका मतलब है लगभग आधी भारतीय महिलाएं अपने जीवन के अहम दौर में आयरन की कमी से पीड़ित हैं।   इस बारे में जानकारी देते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन आॅफ इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डाॅ केके अग्रवाल ने बताया कि आयरन एक ऐसा खनिज है जो हमारी सेहत के लिए अहम भूमिका निभाता है। इसके बिना शरीर की कई प्रक्रियों में गड़बड़ हो जाती है। हमारे देश में आयरन की कमी के बढ़ते मामले और इसके लोगों की सेहत पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए इस की नियमित जांच और इलाज के बारे में जागरूकता फैलाने बहुत ज़रूरी है। आयरन आक्सीजन को हमारे शरीर के हर सैल में ले जाने का काम करता है। यह होमोग्लोबिन का अहम हिस्सा है, लाल रक्त कणों में मौजूद प्रोटीन आक्सीजन को फेफड़ों में लेकर जाता है और ...
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रक्तदान करने से सेहत को होते हैं यह 5 फायदे

14 जून को रक्तदान दिवस मनाया जाता है; नियमित रूप से रक्तदान करते रहने और इसके स्वास्थय को होने वाले फायदों के बारे में जागरूक होना ज़रूरी है। रक्तदान से किसी का जीवन तो बचाया जा ही सकता है, रक्तदान करने वाली की सेहत को भी इसके कई फायदे होते हैं। रक्तदान करने से कैंसर और हैमोक्रोमैटोसिस का खतरा कम होता है, लीवर और पैनक्रिआस के डैमेज होने का खतरा, मोटापा कम होने के साथ ही दिल की सेहत अच्छी रहती है। रक्तदान के पांच प्रमुख फायदे विस्तार से जानने से पहले आईए जान लेते हैं रक्तदान की ज़रूरत क्यों पड़ती है   डब्लयूएचओ की 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक हर साल केवल नौ मिलीयन यूनिट रक्त एकत्र किया जाता है जबकि आवश्यकता 12 मिलीयन यूनिट की पड़ती है। दिल्ली एनसीआर में 1 लाख यूनिट की कमी हर साल पाई जाती है। आंकड़ों के मुताबिक भारत में 234 मिलीयन बड़े आॅपरेशन, 63 मिलीयन आॅपरेशन मानसिक आघात से ...
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रमज़ान में कुछ लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकते है रोज़े

रमज़ान का महीना अध्यात्मिक चिंतन, सुधार और मुस्लिम धर्म के प्रति और अधिक श्रद्धा प्रकट करने का महीना है। इस पूरे महीने के दौरान इस्लाम के सिद्धांतों पर मन लगाना और सूर्य उदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास करना होता है। सुर्य निकलने से पहले के आहार को सुहूर और सूर्यास्त के बाद के आहार को इफ्तार कहा जाता है। कुरान के मुताबिक रोज़े के ज़रिए दुनियावीं ची़जों से मन को दूर कर अपनी रूह को शुद्ध करने के लिए हानिकारक अशुद्धियों से मुक्त होना है। इस बारे में जानकारी देते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और आईएमए के आनरेरी सेक्रेटरी डॉ केके अग्रवाल ने बताया कि महीने भर के लिए उपवास करना हमारे शारीरिक प्रणाली के शुद्धिकरण और तन व मन को संतुलित करने के लिए एक अच्छा तरीका है। लेकिन डायब्टीज़ जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों की सेहत के लिए भूखा रहना ख़तरनाक हो सकता है। यह बात डायब्टीज़ पीड़ितों के मन स...
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गर्मियों में बच्चों को बीमारियां से कैसे बचाएं

तापमान 40 डिगरी से पार हो रहा है, जिससे बच्चों का प्रभावित होना लाज़मी है, गर्मी में गले का पकना, ज़ुकाम, बुख़ार आदि बीमारियां आम बात हैं। लेकिन अगर उचित सावधानियां रखी जाएं तो ज़्यादातर बीमारियां से बचाव हो सकता है। गर्मियों में बच्चों को स्कूल से छुट्टियां होती हैं और उनके पास काफी खाली वक्त होता है। पेरेंट्स के काम में व्यस्त होने की वजह से उनकी सेहत नज़रअंदाज़ हो जाती है। यह बेहद आवश्यक है कि बच्चे गर्मी के वक्त आवश्यक पानी पीएं, ज़्यादा गर्मी के समय बाहर ना निकलें और आराम भी करें। इस बारे में जानकारी देते हुए हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट और आईएमए के आनरेरी सेक्रेटरी डॉ. के. के. अग्रवाल ने बताया कि बच्चों को गर्मियों में सेहतमंद और सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी बेहद ज़रूरी हैं। आवश्यक पानी और पोषण लेना अहम है। डीहाईड्रेशन, हीट एग्ज़ाशन और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए अ...